पूर्व प्राथमिक शाला पंजीयन महिला एवं बाल विकास विभाग,मध्य प्रदेश सरकार

    पंजीयन हेतु दिशा निर्देश

    शाला पूर्व शिक्षा केंद्र खोलने के लिए मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया

  • नवीन निजी/अशासकीय शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों को मान्यता /पजीयन प्राप्त करने तथा संचालन की अनुमति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टल (mpwcd.nic.in अथवा mpwcdmis.gov.in) पर संस्था एवं शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों का प्रथक-प्रथक आनलाईन आवेदन किया जायेगा। पंजीयन हेतु आवश्यक अभिलेखों के संबंध में निर्देश एवं चेकलिस्ट उक्त विभगीय पोटल पर प्रदर्शित होगी। आनलाईन आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित दो चरणों में सम्पन्न की जायेगी

    प्रथम चरण :- संस्था का पंजीयन

  • आनलाईन आवेदन की प्रक्रिया में सर्वप्रथम संस्था का विभागीय पोर्टल पर पंजीयन करना होगा, जो की पूर्णतः निशुल्क होगा | संस्था के पंजीयन फार्म पर समस्त प्रविष्टियों को आवेदक पूर्ण करेगा एवं आवश्यक अभिलेख अपलोड कर सबमिट करेगा | पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भरे गये पंजीयन फार्म का प्रिंट आउट अपने पास रखना होगा जिसमे पंजीयन की समस्त जानकारी पंजीयन क्रमांक के सांथ प्रदर्शित होगी | तथा पंजीयन से संबन्धित अन्य जानकारी संस्था के अधिकृत Email पर भी प्राप्त होगी |

    द्वितीय चरण :- शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों का ऑनलाइन आवेदन

  • संस्था का पंजीयन करने के उपरांत प्राप्त संस्था पंजीयन कमांक का उपयोग करके शाला पूर्व शिक्षा केन्द्रों के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी |
  • शाला पूर्व शिक्षा केन्द्र हेतु ऑनलाइन आवेदन करने के लिए पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन फार्म में सर्व प्रथम संस्था का पंजीयन कमांक (प्रथम चरण में प्राप्त) भरकर सबमिट करना होगा जिसके पश्चात संस्था की संक्षिप्त जानकारी एवं आवेदन फॉर्म की अन्य प्रविष्टियाँ प्रदर्शित होगी , समस्त प्रविष्टियों को आवेदक पूर्ण करेगा एवं आवश्यक अभिलेख अपलोड कर सबमिट करेगा तथा विभाग द्वारा निर्धारित पंजीयन शुल्क आनलाईन जमा करेगा। आवेदक द्वारा आवेदन पत्र के साथ सलंग्न समस्त जानकारियों एवं अभिलेखों को स्वप्रमाणीकरण किया जायेगा।
  • आवेदक द्वारा पोर्टल पर आवेदन सबमिट करते ही पंजीयन प्रमाण पत्र आनलाईन स्वमेव (Auto generate) जारी होगा। इसकी वैधता 03 वर्ष होगी, इसके पश्चात प्रतिवर्ष निर्धारित आनलाईन शुल्क के साथ नवीनीकरण संबंधी प्रमाण पत्र जारी होगा।
  • आवेदक/संस्था द्वारा शाला पूर्व शिक्षा केंद्र से संबंधित फोटोग्राफ्स पोर्टल पर अपलोड किये जायेंगे।

    पंजीयन हेतु आवेदन करते समय पोर्टल में अपलोड किए जाने वाले अभिलेखों की सूची -

  • फम्र्स एन्ड सोसायटी के पंजीकरण संबंधी पूर्ण दस्तावेज
  • भवन का नक्शा
  • यदि किराए का भवन है तो किरायानामा
  • शाला पूर्व शिक्षा केन्द्र से संबंधित फोटोग्राफ्स

    शाला पूर्व शिक्षा केंद्र की स्थापना

  • कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था शाला पूर्व शिक्षा केंद्र का संचालन कर सकेगा/सकेगी जो जे.जे.एक्ट/पॉक्सो अधिनियम 2012, किषोर न्याय अधिनियम 2015, बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986, बाल श्रम निषेध विनियमन संषोधन अधिनियम 2016 तथा केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा बच्चों की सुरक्षा, के लिए समय-समय पर किए गए निर्देषों के तहत (बाल अपचार) अपराधी की श्रेणी में नहीं आता है।
  • नवीन शाला पूर्व शिक्षा केंद्र (पूर्व प्राथमिक शाला) के संचालन के लिए संचालन प्रारंभ करने से पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन कर पंजीयन प्राप्त करना होगा।
  • नवीन शाला पूर्व शिक्षा केंद्र (पूर्व प्राथमिक शाला) के संचालन के लिए विभाग के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन प्रस्तुत करते ही स्वमेव पंजीयन प्रमाण पत्र उपलब्ध होगा

शाला पूर्व शिक्षा केंद्र के संचालन के लिए निर्धारित मानक

क्र. विषय नियम एवं मानक
 1. स्टाफ
  • 20 बच्चों पर एक प्रशिक्षित शिक्षक/शिक्षिका, 21 से 40 बच्चों पर 2 शिक्षक, 41 से 60 बच्चों तक 3 शिक्षक/शिक्षिका एवं इससे अधिक बच्चों की स्थिति में 1:20 अनुपात।
  • वयस्क/देखभालकर्ता 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों के 1:20 अनुपात में।
  • 1 से 50 बच्चों पर 01 सुरक्षा कर्मी, 01 सफाई कर्मी (महिला को प्राथमिकता)
    • 1 काउंसलर (आवश्यकता पड़ने पर जो उपलब्ध हो)
    • 1 चिकित्सक (माह में एक बार चिकित्सक को आमंत्रित कर सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराना होगा)
 2.  अधोसंरचना
  • बच्चों के लिए बाधा रहित पहुँच एवं बाधा रहित भवन हो।
  • सुरक्षा को देखते हुए यथासंभव भूतल पर शाला पूर्व शिक्षा संचालित की जाए एवं भवन के आसपास बाउण्ड्री वाल या फेंसिंग की व्यवस्था हो। बाउण्ड्री की हाइट कम से कम 4 फिट की ऊंचाई होना चाहिए।
  • पर्याप्त हवा एवं प्रकाश युक्त भवन तथा सभी मौसम के अनुकूल एवं उपयुक्त हो।
  • बच्चों के आराम के लिए अलग से स्थान |
  • बिजली एवं पंखे युक्त भवन।
  • बालक, बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक शौचालय
  • वॉश एरिया जिसमें वॉश बेसिन या नल (बच्चों की हाइट के हिसाब से सुविधाजनक हो ताकि बच्चे आसानी से स्वयं उपयोग कर सकें) एवं हाथ धोने के लिए साबुन, साफ कपड़ा या टावेल उपलब्ध हो।
  • शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
  • रसोई भण्डार, पेंट्री (यदि आवश्यकता हो तो)
  • 30 बच्चों के एक समूह के लिए अध्ययन हेतु कम से कम 35 वर्गमीटर माप का एक अध्ययन कक्ष और खेलकूद हेतु पर्याप्त 30 वर्गमीटर (कम से कम) खुले स्थान की उपलब्धता।
  • कक्ष बच्चों के हिसाब से आकर्षक रूचिकर तथा ज्ञान वर्धक होना चाहिए।
  • हाइजिनिक तथा दुर्गंध रहित साफ एवं स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था
 3.  अकादमिक व्यवस्था
  • 3-4 घंटे की प्ले/प्री स्कूल एजूकेशन का पाठ्यक्रम (जिसमें आधा घंटा नाश्ते के लिए सम्मिलित होगा)
  • मातृभाषा/स्थानीय देशी भाषा में संपादित विकासानुकूल, बाल केंन्द्रित पाठ्यक्रम।
  • राष्ट्रीय ई.सी.सी.ई.नीति 2013 के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किए गए पाठ्यक्रम अनुसार साधन तथा संसाधन पर्याप्त संख्या में उपलब्धता
  • केंद्रों पर बच्चों के प्रारंभिक वर्षों के विकास से संबंधित दृश्य-श्रव्य सामग्री तथा अन्य वैज्ञानिक उपकरण एवं पिक्चर बुक, कहानियों की किताबें कैलेंडर चार्ट पोस्टर पुराने समाचार पत्र -पत्रिकाओं की उपलब्धता।
  • पाठ्यक्रम से संबंधित शैक्षणिक एवं खेल सामग्री की उपलब्धता।
 4.  सुरक्षा व्यवस्था
  • केंद्र पर प्राथमिक चिकित्सा किट की उपलब्धता।
  • निगरानी हेतु यथासंभव सी.सी.टी.वी. कैमरे की व्यवस्था।
  • अग्नि से सुरक्षा हेतु शमन यंत्र।
 5.  अभिलेख संधारण
  • बच्चों के नामांकन प्रपत्र (आधार कार्ड, फोटो तथा जन्म प्रमाण-पत्र सहित)
  • बच्चों एवं उनके अभिभावकों की जानकारी हेतु प्रवेश/नामांकन रजिस्टर। (बच्चों को लाने ले जाने वाले व्यक्ति की विस्तृत जानकारी सहित)
  • बच्चों का उपस्थिति रजिस्टर
  • स्टाफ रजिस्टर (शैक्षणिक योग्यता, पुलिस जांच वेरीफिकेश्न तथा प्रशिक्षण की जानकारी सहित)
  • स्वास्थ परीक्षण रिकार्ड (सभी शालाओं के लिए एक जैसे फार्मेट में)
  • भण्डार रजिस्टर
  • बच्चों के अभिभावकों से लिया जाने वाला शुल्क संधारण रजिस्टर
  • निरीक्षण रजिस्टर,अतिथि रजिस्टर

  • बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आंगनबाड़ी केंद्र पर दी जाने वाली सभी सेवाएं शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों पर भी अनिवार्य होंगी। आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाएं लिए जाने हेतु संबंधित शाला पूर्व शिक्षा केंद्र के द्वारा सक्षम अधिकारी को आवेदन देकर स्वीकृती ली जा सकेगी।
  • शासकीय शाला पूर्व शिक्षा केंद्र एवं आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित मानकों के परिप्रेक्ष्य में शासन द्वारा उपलब्ध कराये गये संसाधनों के तहत काम करेंगे। इस हेतु नोडल विभाग द्वारा अलग से बजट प्रावधान किया जा सकेगा। आंगनबाड़ी स्तर पर शाला पूर्व शिक्षा संचालन हेतु निर्धारित योग्यता अनुसार प्रशिक्षित शिक्षक/शिक्षिका की नियुक्ति की जा सकेगी।
  • पूर्व से संचालित प्रत्येक शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों (पूर्व प्राथमिक शाला) एवं नवीन शाला पूर्व शिक्षा केंद्र (पूर्व प्राथमिक शाला) के संचालन के लिए इस पोर्टल के माध्यम से पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
  • कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था शाला पूर्व शिक्षा केंद्र का संचालन कर सकेगा/सकेगी, जो पाॅक्सो अधिनियम 2012, किषोर न्याय अधिनियम 2015, बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986, बाल श्रम निषेध विनियमन संषोधन अधिनियम 2016 तथा केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा बच्चों की सुरक्षा, के लिए समय-समय पर किए गए निर्देषों के तहत (बाल अपचार) अपराधी की श्रेणी में नहीं आता है।
  • 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिये पूर्व प्राथमिक शिक्षा (शाला पूर्व शिक्षा) केन्द्र संचालित करने की मान्यता/पंजीयन प्राप्त करने हेतु आवेदन में उल्लेखित प्रविष्टियां ई.सी.सी.ई पॉलिसी एवं नियामक दिशा निर्देशों में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप हैं।
  • शाला पूर्व शिक्षा केन्द्र के संचालन के पंजीयन हेतु आवेदक को बिंदु क्रमांक 13 में उल्लेखित शाला पूर्व शिक्षा केंद्र के संचालन के लिये निर्धारित मानक, यथा- अधोसंरचना, स्टॉफ, अकादमिक व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था आदि को पूर्ण करना होगा। पूर्व से संचालित शाला पूर्व शिक्षा केन्द्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप समस्त सुविधायें दिनाँक 04/08/2020 से 6 माह के अंदर पूर्ण करना अनिवार्य होगा | विशेष परिस्थितियों में संस्था के आवेदन पर यह अवधि केवल एक बार अधिकतम 6 माहों तक विस्तारित की जा सकती है |
  • पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन फार्म पर समस्त प्रविष्टियों को आवेदक पूर्ण करेगा, आवश्यक अभिलेख अपलोड कर सबमिट करेगा एवं रूपये 1000/- का पंजीयन शुल्क एवं रूपये 60/- पोर्टल संधारण शुल्क आनलाईन जमा करेगा। केन्द्र से संबंधित फोटोग्राफ्स पोर्टल पर अपलोड किये जायेंगे।
  • आवेदक द्वारा आवेदन पत्र के साथ सलंग्न समस्त जानकारियों एवं अभिलेखों को स्वप्रमाणीकरण किया जायेगा। आवेदन के साथ संलग्न निर्धारित प्रारूप में इस आशय की स्वघोषणा करनी होगी कि वह अथवा उनकी संस्था का कोई भी सदस्य पाक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986, बाल श्रम निषेध विनियमन संषोधन अधिनियम 2016 तथा केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा बच्चों की सुरक्षा, के लिए समय-समय पर किए गए निर्देषों के तहत (बाल अपचार) अपराधी की श्रेणी में नहीं आता है।
  • उपरोक्तानुसार आवेदक द्वारा पोर्टल पर आवेदन सबमिट करते ही मान्यता/पंजीयन संबंधी प्रमाण पत्र स्वमेव (Auto Generate) आनलाईन जारी होगा एवं आवेदक को उसकी रजिस्टर्ड ई मेल आई.डी. पर लाॅगिन हेतु यूज़र आईडी पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
  • शाला पूर्व शिक्षा केंद्र के मान्यता/पंजीयन संबंधी प्रमाण पत्र जारी होने के उपरांत संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी को उसके लागिन पर आवेदन प्रदर्शित होगा । इसके पश्चात 01 माह के अंदर जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा संबंधित केंद्र का निरीक्षण कराना अनिवार्य होगा।
  • शाला पूर्व शिक्षा केंद्र के आकस्मिक निरीक्षण के समय आवेदक द्वारा प्रस्तुत जानकारी/अभिलेख असत्य/त्रुटिपूर्ण पाये जाने, नियमानुसार पात्रता पूर्ण न होने की स्थिति में तथा बाल अधिकारों से संबंधी अधिनियम/ नियमों के उल्लंघन पर पंजीयन निरस्त करने की अनुशंसा की जावेगी। ऐसी स्थिति में पंजीयन निरस्त किया जा सकेगा एवं आवेदक/संस्था के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
  • शाला पूर्व शिक्षा केंद्र के आकस्मिक निरीक्षण के समय अथवा कभी भी पाॅक्सो अधिनियम 2012, किषोर न्याय अधिनियम 2015, बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986, बाल श्रम निषेध विनियमन संषोधन अधिनियम 2016 तथा केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा बच्चों की सुरक्षा, बाल अधिकारों के लिए समय-समय पर किए गए निर्देषों का उल्लंघन पाए जाने पर पेनाल्टी लगाई जावेगी (यह राशि शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप होगी) एवं संबंधित अधिनियम/ नियमों के प्रावधानों के अनुसार विभाग द्वारा दण्ड/जुर्माने के साथ-साथ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी तथा पंजीयन निरस्त किया जा सकेगा।
  • कोई भी संस्था यदि एक से अधिक शाला पूर्व शिक्षा केन्द्र का संचालन करना चाहती है, तो प्रत्येक संस्था हेतु पृथक पृथक आनलाइन आवेदन किया जाएगा। उक्त स्थिति में प्रथम बार में प्राप्त पंजीयन नंबर का ही उपयोग किया जाएगा।